कुरान - 45:7 सूरह अल-जासिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

7
وَيۡلٞ لِّكُلِّ أَفَّاكٍ أَثِيمٖ

Transliteration: (Wailul likulli affaakin aseem)

हलाकत है हर झूठे, बड़े गुनाहगार [11] के लिए। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-जासिया आयत 7 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-जासिया तफ़सीर - आयत 7

"हलाकत है हर झूठे, बड़े गुनाहगार [11] के लिए।"

[11] फ़रेबियों और मुनकिरीन के लिए सख़्त वईद

शाने-नुज़ूल: यह आयत नज़र बिन हारिस के बारे में नाज़िल हुई, जो अजमी क़िस्से-कहानियाँ ख़रीद कर लाता था और लोगों को सुनाता था ताकि उन्हें क़ुरआन-ए-पाक सुनने से भटका सके।

अगरचे इसका नुज़ूल नज़र बिन हारिस के बारे में हुआ, लेकिन यह हुक्म क़ियामत तक के हर उस शख़्स के लिए आम है जो लोगों को क़ुरआन और ईमान से दूर करने के लिए झूठे बहाने और ख़ुराफ़ात घड़ता है।

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