Transliteration: (Wa izaa 'alima min Aayaatinaa shai' 'anit takhazahaa huzuwaa; ulaaa'ika lahum 'azaabum muheen)
"और जब उसे हमारी आयतों में से किसी चीज़ का इल्म होता है, तो वह उसका मज़ाक़ उड़ाता है [14]। ऐसे लोगों के लिए रुसवाकुन [15] अज़ाब है।"
नज़र बिन हारिस लोगों से कहता था कि “मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ तुम्हें फ़िरऔन और हामान के वाक़ियात सुनाते हैं, और मैं तुम्हें रुस्तम और इसफ़ंदयार की दास्तानें सुनाता हूँ। मेरा कलाम उनके कलाम से बेहतर है (मआज़अल्लाह)”।
ऐसे गुस्ताख़ों के लिए क़ब्र में रुसवाकुन अज़ाब तैयार है, जहाँ मुनकिर-नकीर फ़रिश्ते उन्हें ज़लील करेंगे और डांटेंगे। यह आयत अज़ाब-ए-क़ब्र की तरफ़ भी इशारा करती है, जिसके बाद जहन्नम का दायमी अज़ाब होगा।
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