कुरान - 45:9 सूरह अल-जासिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

9
وَإِذَا عَلِمَ مِنۡ ءَايَٰتِنَا شَيۡـًٔا ٱتَّخَذَهَا هُزُوًاۚ أُوْلَـٰٓئِكَ لَهُمۡ عَذَابٞ مُّهِينٞ

Transliteration: (Wa izaa 'alima min Aayaatinaa shai' 'anit takhazahaa huzuwaa; ulaaa'ika lahum 'azaabum muheen)

और जब उसे हमारी आयतों में से किसी चीज़ का इल्म होता है, तो वह उसका मज़ाक़ उड़ाता है [14]। ऐसे लोगों के लिए रुसवाकुन [15] अज़ाब है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-जासिया आयत 9 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-जासिया तफ़सीर - आयत 9

"और जब उसे हमारी आयतों में से किसी चीज़ का इल्म होता है, तो वह उसका मज़ाक़ उड़ाता है [14]। ऐसे लोगों के लिए रुसवाकुन [15] अज़ाब है।"

[14] आयात-ए-इलाही का मज़ाक़ उड़ाने की ख़बासत

नज़र बिन हारिस लोगों से कहता था कि “मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ तुम्हें फ़िरऔन और हामान के वाक़ियात सुनाते हैं, और मैं तुम्हें रुस्तम और इसफ़ंदयार की दास्तानें सुनाता हूँ। मेरा कलाम उनके कलाम से बेहतर है (मआज़अल्लाह)”।

[15] क़ब्र और जहन्नम का रुसवाकुन अज़ाब

ऐसे गुस्ताख़ों के लिए क़ब्र में रुसवाकुन अज़ाब तैयार है, जहाँ मुनकिर-नकीर फ़रिश्ते उन्हें ज़लील करेंगे और डांटेंगे। यह आयत अज़ाब-ए-क़ब्र की तरफ़ भी इशारा करती है, जिसके बाद जहन्नम का दायमी अज़ाब होगा।

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