कुरान - 18:23 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

23
وَلَا تَقُولَنَّ لِشَاْيۡءٍ إِنِّي فَاعِلٞ ذَٰلِكَ غَدًا

Transliteration: (Wa laa taqoolanna lishai'in innee faa'ilun zaalika ghadaa)

और किसी चीज़ के बारे में हरगिज़ यह न कहिए कि 'मैं इसे कल करने वाला हूँ;' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 23 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 23

✅ मुस्तक़बिल के इरादे में इंशा-अल्लाह कहने का हुक्म

जब कुफ़्फ़ार ने नबी करीम (ﷺ) से अस्हाबे कहफ़, ज़ुलक़रनैन और रूह के बारे में पूछा था, तो आप (ﷺ) ने फ़रमाया था कि मैं कल जवाब दूंगा, लेकिन 'इंशा-अल्लाह' कहना भूल गए थे, जिस पर चन्द दिन वह्य रुक गई। इस पर अल्लाह ने तालीमी अंदाज़ में यह हुक्म नाज़िल फ़रमाया।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now