कुरान - 18:25 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

25
وَلَبِثُواْ فِي كَهۡفِهِمۡ ثَلَٰثَ مِاْئَةٖ سِنِينَ وَٱزۡدَادُواْ تِسۡعٗا

Transliteration: (Wa labisoo fee kahfihim salaasa mi'atin sineena wazdaadoo tis'aa)

और वे अपने ग़ार में तीन सौ साल रहे और नौ साल और ज़्यादा (बढ़े)। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 25 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 25

✅ ग़ार में 309 साल का क़ियाम (शम्सी व क़मरी हिसाब)

अस्हाबे कहफ़ ग़ार में शम्सी (सोलर) कैलेंडर के हिसाब से 300 साल और क़मरी (लूनर) कैलेंडर के हिसाब से 309 साल रहे (चूँकि हर 100 शम्सी साल में क़मरी साल 3 साल बढ़ जाते हैं, लिहाज़ा 300 शम्सी साल ठीक 309 क़मरी साल बनते हैं)। यह क़ुरआन मजीद का एक अज़ीम साइंसी व रियाज़ियाती मौजिज़ा है।

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