कुरान - 18:3 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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مَّـٰكِثِينَ فِيهِ أَبَدٗا

Transliteration: (Maakiseena feehi abadaa)

जिसमें वे हमेशा-हमेशा रहेंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 3 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 3

✅ जन्नत की हमेशा रहने वाली ज़िन्दगी

मोमिनों को मिलने वाला यह बेहतरीन अज्र (जन्नत) आरज़ी या ख़त्म होने वाला नहीं है, बल्कि वे वहाँ हमेशा-हमेशा रहेंगे। वहाँ न कोई बीमारी होगी, न बुढ़ापा, न मौत और न ही किसी नेमत का ज़वाल।

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