कुरान - 18:31 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

31
أُوْلَـٰٓئِكَ لَهُمۡ جَنَّـٰتُ عَدۡنٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهِمُ ٱلۡأَنۡهَٰرُ يُحَلَّوۡنَ فِيهَا مِنۡ أَسَاوِرَ مِن ذَهَبٖ وَيَلۡبَسُونَ ثِيَابًا خُضۡرٗا مِّن سُندُسٖ وَإِسۡتَبۡرَقٖ مُّتَّكِـِٔينَ فِيهَا عَلَى ٱلۡأَرَآئِكِۚ نِعۡمَ ٱلثَّوَابُ وَحَسُنَتۡ مُرۡتَفَقٗا

Transliteration: (Ulaaa'ika lahum Jannaatu 'Adnin tajree min tahtihimul anhaaru yuhallawna feehaa min asaawira min zahabinw wa yalbasoona siyaaban khudram min sundusinw wa istabraqim muttaki'eena feehaa 'alal araaa'ik; ni'mas sawaab; wa hasunat murtafaqaa (section 4))

ये वे लोग हैं जिनके लिए हमेशा रहने वाले बाग़ात (जन्नाते अद्न) हैं, जिनके नीचे नहरें बहती होंगी; वहाँ उन्हें सोने के कंगन पहनाए जाएंगे और वे बारीक रेशम और कमख़्वाब के हरे लिबास पहनेंगे, तख़्तों पर तकिया लगाए बैठे होंगे; क्या ही बेहतरीन बदला और क्या ही ख़ूबसूरत आरामगाह है! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 31 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 31

✅ जन्नत की अज़ीम नेमतें: ज़ेवर, रेशमी लिबास और आलीशान तख़्त

अल्लाह तआला ने मोमिनों के लिए जन्नत की दिलफ़रेब नेमतों का नक़्शा खींचा है: सोने के कड़े, सब्र व इफ़्फ़त के बदले उम्दा हरी रेशमी पोशाकें, और आलीशान मसनदों पर बादशाहों की तरह तकिया लगाकर बैठना। यह जन्नत उनके ईमान और नेक आमाल का बेहतरीन इनाम है।

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