कुरान - 18:32 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

32
۞وَٱضۡرِبۡ لَهُم مَّثَلٗا رَّجُلَيۡنِ جَعَلۡنَا لِأَحَدِهِمَا جَنَّتَيۡنِ مِنۡ أَعۡنَٰبٖ وَحَفَفۡنَٰهُمَا بِنَخۡلٖ وَجَعَلۡنَا بَيۡنَهُمَا زَرۡعٗا

Transliteration: (Wadrib lahum masalar rajulaini ja'alnaa li ahadihimaa jannataini min a'naabinw wa hafafnaahumaa binakhilinw wa ja'alnaa bainahumaa zar'aa)

और उनके सामने दो आदमियों की मिसाल बयान कीजिए: उनमें से एक को हमने अंगूरों के दो बाग़ दिए और उनके चारों तरफ़ खजूर के दरख़्त लगाए, और दोनों के बीच में खेती (फ़सल) पैदा की। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 32 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 32

✅ दो बाग़ों वाले शख़्स की मिसाल

अल्लाह तआला दुनियापरस्तों और ईमान वालों की मानसिकता समझाने के लिए दो आदमियों की मिसाल पेश फ़रमाता है। उनमें से एक को अल्लाह ने निहायत सरसब्ज़ और शादाब दो बाग़ात दिए जिनमें अंगूरों की बेलें, खजूरों की बाड़ और बीच में लहलहाती खेती थी।

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