Transliteration: (Falammaa balaghaa majma'a bainihimaa nasiyaa hootahumaa fattakhaza sabeelahoo fil bahri sarabaa)
अल्लाह ने हज़रत मूसा को निशानी दी थी कि अपने साथ एक भुनी हुई मछली टोकरी में रख लो, जहाँ वह मछली ज़िन्दा होकर पानी में चली जाएगी, वहीं उस नेक बन्दे (हज़रत ख़िज़्र) से मुलाक़ात होगी। जब वे 'मज्मअल बहरैन' की एक चट्टान के पास ठहरे, तो आबे हयात के असर से वह मछली ज़िन्दा होकर समन्दर में कूद गई और पानी उसके लिए एक मेहराब (सुरंग) की तरह जम गया।
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