कुरान - 5:78 सूरह अल-मायदा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

78
لُعِنَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِنۢ بَنِيٓ إِسۡرَـٰٓءِيلَ عَلَىٰ لِسَانِ دَاوُۥدَ وَعِيسَى ٱبۡنِ مَرۡيَمَۚ ذَٰلِكَ بِمَا عَصَواْ وَّكَانُواْ يَعۡتَدُونَ

Transliteration: (Lu'inal lazeena kafaroo mim Baneee israaa'eela 'alaa lisaani Daawooda wa 'Eesab ni Maryam; zaalika bimaa 'asaw wa kaanoo ya'tadoon)

इसराईल की औलाद में से जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उन पर दाऊद और मरयम के बेटे ईसा की ज़बान से लानत की गई [227]। यह इस वजह से हुआ कि उन्होंने नाफ़रमानी की और हद से बढ़ गए [228]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मायदा आयत 78 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-माइदा – आयत 78 की तफ़्सीर

✅ [227] दाऊद और ईसा अलैहिस्सलाम की ज़बान से लानत

जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उन पर दो महान नबियों — दाऊद और ईसा (मरयम के बेटे) की ज़बान से लानत भेजी गई। यह लानत अल्लाह की तरफ़ से थी, उनके रसूलों की ज़ुबान द्वारा।

✅ [228] नाफ़रमानी और सरकशी की वजह से

उन पर लानत इसलिए आई क्योंकि उन्होंने अल्लाह के हुक्मों की खुलकर नाफ़रमानी की और हद से गुज़र गए, यानी उन्होंने ज़ुल्म और सरकशी में हदें पार कर दीं।

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