कुरान - 5:79 सूरह अल-मायदा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

79
كَانُواْ لَا يَتَنَاهَوۡنَ عَن مُّنكَرٖ فَعَلُوهُۚ لَبِئۡسَ مَا كَانُواْ يَفۡعَلُونَ

Transliteration: (Kaanoo laa yatanaahawna 'am munkarin fa'alooh; labi'sa maa kaanoo yafa'loon)

वे एक-दूसरे को बुराई से नहीं रोकते थे [229]। वास्तव में, बहुत ही बुरा था वह जो वे किया करते थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मायदा आयत 79 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-माइदा – आयत 79 की तफ़्सीर

✅ [229] बुराई से न रोकने की लानत

वे लोग गुनाह और बुरे कामों को रोकने का हक़ अदा नहीं करते थे, और एक-दूसरे को खुलकर बुराइयों से नहीं रोकते थे। यही चीज़ उनके कर्मों को बहुत बुरा बना रही थी।

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