कुरान - 5:80 सूरह अल-मायदा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

80
تَرَىٰ كَثِيرٗا مِّنۡهُمۡ يَتَوَلَّوۡنَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْۚ لَبِئۡسَ مَا قَدَّمَتۡ لَهُمۡ أَنفُسُهُمۡ أَن سَخِطَ ٱللَّهُ عَلَيۡهِمۡ وَفِي ٱلۡعَذَابِ هُمۡ خَٰلِدُونَ

Transliteration: (Taraa kaseeram minhum yatawallawnal lazeena kafaroo; labi'sa maa qaddamat lahum anfusuhum an sakhital laahu 'alaihim wa fil 'azaabi hum khaalidoon)

तुम उन्हें देखोगे कि वे बहुत से काफ़िरों से दोस्ती रखते हैं। कितना बुरा है वह जो उन्होंने अपने लिए आगे भेजा, कि अल्लाह का ग़ज़ब उन पर उतर पड़ा [230], और वे हमेशा के लिए अज़ाब में रहेंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मायदा आयत 80 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-माइदा – आयत 80 की तफ़्सीर

✅ [230] काफ़िरों से दोस्ती का अंजाम

उनकी हालत यह थी कि उन्होंने काफ़िरों से दोस्ती करके अपने लिए बुराई को आगे भेजा। इसी वजह से अल्लाह का ग़ज़ब उन पर आया और हमेशा का अज़ाब उनका ठिकाना बन गया।

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