Transliteration: (Faman saqulat mawaazee nuhoo fa ulaaa'ika humul muflihoon)
"पस जिनके पलड़े भारी होंगे, तो वही लोग पूरी तरह कामयाब होने वाले हैं [141]।"
मीज़ान (तराज़ू) पर जिनके नेकियों और ईमान के पलड़े भारी होंगे, वे ही हक़ीक़ी कामियाबी हासिल करेंगे और जन्नत के दायमी बाग़ात में दाख़िल होंगे।
पलड़ों का भारी होना आमाल के इख़्लास, हुस्ने-अमल और ईमान की बरकत पर मौक़ूफ़ है। यही लोग हैं जो हर ख़ौफ़ और ग़म से महफ़ूज़ रहेंगे।
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