कुरान - 23:102 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

102
فَمَن ثَقُلَتۡ مَوَٰزِينُهُۥ فَأُوْلَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُفۡلِحُونَ

Transliteration: (Faman saqulat mawaazee nuhoo fa ulaaa'ika humul muflihoon)

पस जिनके (नेकियों के) पलड़े भारी होंगे, तो वही लोग पूरी तरह कामयाब होने वाले हैं [141]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 102 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-मोमिनून – आयत 102

"पस जिनके पलड़े भारी होंगे, तो वही लोग पूरी तरह कामयाब होने वाले हैं [141]।"

[141] भारी पलड़े वाले ही कामियाब

मीज़ान (तराज़ू) पर जिनके नेकियों और ईमान के पलड़े भारी होंगे, वे ही हक़ीक़ी कामियाबी हासिल करेंगे और जन्नत के दायमी बाग़ात में दाख़िल होंगे।

पलड़ों का भारी होना आमाल के इख़्लास, हुस्ने-अमल और ईमान की बरकत पर मौक़ूफ़ है। यही लोग हैं जो हर ख़ौफ़ और ग़म से महफ़ूज़ रहेंगे।

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