Transliteration: (Wa man khaffat mawaa zeenuhoo fa ulaaa'ikal lazeena khasiroo 'anfusahum fee Jahannama khaalidoon)
"और जिनके पलड़े [142] हल्के होंगे, तो यही वे लोग हैं जिन्होंने अपनी जानों को घाटे में डाल दिया; वे हमेशा [143] जहन्नम में रहने वाले हैं।"
यह उन काफ़िरों और बदबख़्तों का ज़िक्र है जिनके पलड़े हल्के होंगे, क्योंकि उनके पास ईमान की दौलत न थी। ईमान के बग़ैर दुनियावी भले काम भी आख़िरत के तराज़ू में कोई वज़न नहीं रखते और राख की तरह उड़ जाते हैं।
इन्होंने अपनी जानों को दायमी ख़सारे (घाटे) में डाल दिया और उनका ठिकाना हमेशा-हमेशा के लिए जहन्नम की भड़कती हुई आग होगा, जिससे उन्हें कभी रिहाई नहीं मिलेगी।
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