कुरान - 23:104 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

104
تَلۡفَحُ وُجُوهَهُمُ ٱلنَّارُ وَهُمۡ فِيهَا كَٰلِحُونَ

Transliteration: (Talfahu wujoohahumun Naaru wa hum feehaa kaalihoon)

आग उनके चेहरों को झुलसा देगी और वे उसमें (होंठ खिंचे हुए) बदशक्ल व बेबस पड़े होंगे [144]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 104 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-मोमिनून – आयत 104

"आग उनके चेहरों को झुलसा देगी और वे उसमें बदशक्ल व बेबस पड़े होंगे [144]।"

[144] दोज़ख़ की आग का चेहरों को झुलसाना

यह दोज़ख़ियों के अज़ाब की सख़्ती का बयान है कि आग उनके चेहरों को झुलसा देगी जिससे उनके होंठ खिंच जाएंगे और दांत बाहर निकल आएंगे और वे इंतिहाई करब व अज़ाब में मुब्तला होंगे।

सहीह हदीस में आता है कि मोमिनों के सजदे के आज़ा को दोज़ख़ की आग नहीं छुएगी, यह अल्लाह का अपने नेक बन्दों पर ख़ास फ़ज़्ल व करम है।

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