कुरान - 23:45 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

45
ثُمَّ أَرۡسَلۡنَا مُوسَىٰ وَأَخَاهُ هَٰرُونَ بِـَٔايَٰتِنَا وَسُلۡطَٰنٖ مُّبِينٍ

Transliteration: (Summa arsalnaa Moosaa wa akhaahu Haaroona bi Aayaatinaa wa sultaanim mubeen)

45. फिर हमने मूसा और उनके भाई हारून को अपनी निशानियों और वाज़ेह दलील (अधिकार) के साथ भेजा [70]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 45 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-मोमिनून — आयत 45 की तफ़सीर

"फिर हमने मूसा और उनके भाई हारून को अपनी निशानियों और वाज़ेह दलील (अधिकार) के साथ भेजा [70];"

[70] हज़रत मूसा व हारून (अलैहिमुस्सलाम) के मोअजिज़ात

निशानियों और वाज़ेह दलील से मुराद हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) का असा (लाठी) जो अजदहा बन जाता था, और यदे बैज़ा (रोशन हाथ) है। अगरचे ये मोअजिज़ात ख़ास हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के हाथ पर ज़ाहिर हुए, मगर हज़रत हारून (अलैहिस्सलाम) उनके वज़ीर और शरीके रिसालत थे, इसलिए दोनों की तरफ़ मंसूब फ़रमाया गया।

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