कुरान - 23:5 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

5
وَٱلَّذِينَ هُمۡ لِفُرُوجِهِمۡ حَٰفِظُونَ

Transliteration: (Wallazeena hum lifuroo jihim haafizoon)

5. और जो अपनी शर्मगाहों (पाकदामनी) की हिफ़ाज़त करने वाले हैं [5]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 5 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-मोमिनून — आयत 5 की तफ़सीर

"और जो अपनी शर्मगाहों (पाकदामनी) की हिफ़ाज़त करने वाले हैं [5];"

[5] इफ़्फ़त व पाकदामनी की हिफ़ाज़त

मोमिनीन अपनी पाकदामनी और शर्मगाहों की पूरी हिफ़ाज़त करते हैं। वे ज़िना, बदकारी और हर क़िस्म की बे-हयाई से खुद को बचाते हैं। उनकी पाकदामनी सिर्फ़ आमाल तक महदूद नहीं होती बल्कि वे अपनी निगाहों की भी हिफ़ाज़त करते हैं और किसी ग़ैर-महरम पर बद-नज़री नहीं डालते।

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