कुरान - 23:3 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

3
وَٱلَّذِينَ هُمۡ عَنِ ٱللَّغۡوِ مُعۡرِضُونَ

Transliteration: (Wallazeena hum 'anillaghwimu'ridoon)

3. और जो बेहूदा (बे-फ़ायदा व लग़्व बातों और कामों) से मुंह फेरने वाले हैं [3]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 3 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-मोमिनून — आयत 3 की तफ़सीर

"और जो बेहूदा (बे-फ़ायदा व लग़्व बातों और कामों) से मुंह फेरने वाले हैं [3];"

[3] लग़्व और बे-मक़सद बातों से परहेज़

लग़्व से मुराद हर वह क़ौल व फ़ेल है जिसमें न दुनियावी फ़ायदा हो और न दीनी सवाब—जैसे फ़ुज़ूल गपशप, ग़ीबत, मज़ाक़-मस्ख़री और वक़्त का ज़ियाअ। सच्चे मोमिन अपने क़ीमती वक़्त की हिफ़ाज़त करते हैं और ऐसी तमाम महफ़िलों और बातों से किनारा-कशी करते हैं जिनका कोई नेक मक़सद न हो।

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