कुरान - 23:4 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

4
وَٱلَّذِينَ هُمۡ لِلزَّكَوٰةِ فَٰعِلُونَ

Transliteration: (Wallazeena hum liz Zakaati faa'iloon)

4. और जो ज़कात अदा करने वाले (और नफ़्स को पाक रखने वाले) हैं [4]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 4 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-मोमिनून — आयत 4 की तफ़सीर

"और जो ज़कात अदा करने वाले (और नफ़्स को पाक रखने वाले) हैं [4];"

[4] पाबन्दी से ज़कात की अदायगी

मोमिनीन की सिफ़त यह है कि वे अपने मालों की ज़कात पाबन्दी, ख़ुशदिली और इख़्लास के साथ अदा करते हैं। ज़कात अदा करने से माल भी पाक होता है और इंसान का नफ़्स बुख़्ल (कंजूसी) की बीमारी से पाक-साफ़ हो जाता है। वे इसे कोई तावान या बोझ नहीं समझते बल्कि अल्लाह का दिया हुआ फ़र्ज़ समझकर अदा करते हैं।

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