कुरान - 23:63 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

63
بَلۡ قُلُوبُهُمۡ فِي غَمۡرَةٖ مِّنۡ هَٰذَا وَلَهُمۡ أَعۡمَٰلٞ مِّن دُونِ ذَٰلِكَ هُمۡ لَهَا عَٰمِلُونَ

Transliteration: (Bal quloobuhum fee ghamratim min haazaa wa lahum a'maalum min dooni zaalika hum lahaa 'aamiloon)

63. बल्कि उनके दिल इस (क़ुरआन और नसीहत) से ग़फ़लत में पड़े हैं [96]; और उनके (बुरे) आमाल इनके अलावा भी हैं जिन्हें वे लगातार कर रहे हैं [97] ; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 63 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-मोमिनून — आयत 63 की तफ़सीर

"बल्कि उनके दिल इस (क़ुरआन और नसीहत) से ग़फ़लत में पड़े हैं [96]; और उनके (बुरे) आमाल इनके अलावा भी हैं जिन्हें वे लगातार कर रहे हैं [97] ;"

[96] मुनकिरीन की ग़फ़लत

काफ़िरों के दिल क़ुरआन की नसीहत और आख़िरत की फ़िक्र से बिल्कुल ग़ाफ़िल और अड़े हुए हैं।

[97] बदकारियों का मुसलसल सिलसिला

उनके आमाल मोमिनीन के आमाल से बिल्कुल मुख़्तलिफ़ हैं; वे मुसलसल गुनाहों, ज़ुल्म और शिर्क में डूबे हुए हैं।

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