कुरान - 23:65 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

65
لَا تَجۡـَٔرُواْ ٱلۡيَوۡمَۖ إِنَّكُم مِّنَّا لَا تُنصَرُونَ

Transliteration: (Laa taj'arul yawma innakum minnaa laa tunsaroon)

65. (उनसे कहा जाएगा,) 'आज मत चीख़ो! बेशक तुम्हें हमारी तरफ़ से कोई मदद नहीं दी जाएगी [99] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 65 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-मोमिनून — आयत 65 की तफ़सीर

"(उनसे कहा जाएगा,) 'आज मत चीख़ो! बेशक तुम्हें हमारी तरफ़ से कोई मदद नहीं दी जाएगी [99] ।"

[99] काफ़िरों की बे-यारो मदद्गारी

उस दिन काफ़िरों की कोई फ़रियाद नहीं सुनी जाएगी। इसके बरअक्स अहले ईमान के लिए हुज़ूर अकरम ﷺ की शफ़ाअत और नेक आमाल की बरकत से मदद नाज़िल होगी।

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