Transliteration: (Mustakbireena bihee saamiran tahjuroon)
"हरम (काबे) पर घमंड करते हुए, रात की महफ़िलों में बेहूदा बकवास करते हुए मुंह फेर लेते थे [100] ।'"
क़ुरैश काबा के मुतवल्ली होने पर घमंड करते थे और रात को महफ़िलें जमाकर क़ुरआन और नबी करीम ﷺ के ख़िलाफ़ बेहूदा बातें और मज़ाक़ उड़ाते थे। मुक़द्दस जगह से निस्बत उस वक़्त तक कोई फ़ायदा नहीं देती जब तक दिल में सच्चा ईमान और अदब न हो।
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