कुरान - 23:69 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

69
أَمۡ لَمۡ يَعۡرِفُواْ رَسُولَهُمۡ فَهُمۡ لَهُۥ مُنكِرُونَ

Transliteration: (Am lam ya'rifoo Rasoolahum fahum lahoo munkiroon)

69. या उन्होंने अपने रसूल को पहचाना नहीं [102], इसलिए वे उनका इनकार कर रहे हैं? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 69 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-मोमिनून — आयत 69 की तफ़सीर

"या उन्होंने अपने रसूल को पहचाना नहीं [102], इसलिए वे उनका इनकार कर रहे हैं?"

[102] हुज़ूर ﷺ की पाकीज़ा सीरत: खुली दलील

हुज़ूर अकरम ﷺ चालीस साल तक उन्हीं के दरमियान रहे। वे आप ﷺ की सच्चाई, अमानत, शराफ़त और पाकीज़ा अख़लाक़ से पूरी तरह वाक़िफ़ थे और आप ﷺ को 'सादिक़' और 'अमीन' कहते थे। इसलिए उनका इनकार किसी शुबहे की वजह से नहीं बल्कि ख़ालिस हसद और तकब्बुर की वजह से था।

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