Transliteration: (Kazzabat 'Aadun fakaifa kaana 'azaabee wa nuzur)
"आद ने झुठलाया [27], तो कैसा था मेरा अज़ाब और मेरा डराना!"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि क़ौम-ए-आद ने हज़रत हूद (अलैहिस्सलाम) की दावत को झुठलाया और अपनी ताक़त व जिस्मानी डील-डौल पर घमंड किया। आखिरकार अल्लाह के अज़ाब ने उन्हें नेस्त-ओ-नाबूद कर दिया।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat