कुरान - 54:20 सूरह अल-क़मर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

20
تَنزِعُ ٱلنَّاسَ كَأَنَّهُمۡ أَعۡجَازُ نَخۡلٖ مُّنقَعِرٖ

Transliteration: (Tanzi'un naasa ka annahum a'jaazu nakhlin munqa'ir)

वह लोगों को इस तरह उखाड़ फेंकती थी गोया वे उखड़े हुए खजूर के तने हों [29]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़मर आयत 20 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़मर तफ़सीर - आयत 20

"वह लोगों को इस तरह उखाड़ फेंकती थी गोया वे उखड़े हुए खजूर के तने हों [29]!"


[29] अज़ाब के आगे जिस्मानी ताक़त की बेबसी

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि क़ौम-ए-आद के लोग बहुत लंबे-चौड़े और ताक़तवर थे। मगर तूफ़ानी आंधी ने उन्हें ज़मीन से उठाकर हवा में उछाला और सिर के बल ज़मीन पर दे मारा जिससे उनके सर फट गए और वे खोखले खजूर के तनों की तरह ज़मीन पर ढेर हो गए। रब के अज़ाब के आगे किसी की ताक़त काम नहीं आती।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now