मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़मर आयत 23 तफ़सीर
मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)
सूरह अल-क़मर तफ़सीर - आयत 23
"समूद ने रसूलों को झुठलाया [31]।"
[31] हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम और तमाम रसूलों का इंकार
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं:
एक रसूल की तक्ज़ीब सब रसूलों की तक्ज़ीब है: क़ौम-ए-समूद ने हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम को झुठलाया था, मगर यहाँ जमा का सीग़ा ("रसूलों") इस्तेमाल हुआ। इसका सबब यह है कि अल्लाह के किसी एक रसूल का इंकार करना दरअस्ल अल्लाह के तमाम रसूलों का इंकार करना है, क्योंकि सबकी दावत तौहीद और हक़ थी।
×
Download Our Quran App
For a faster and smoother experience, install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat