Transliteration: (Sa-ya'lamoona ghadan manil kazzaabul ashir)
"कल ही वे जान लेंगे कि कौन था बड़ा झूठा, बड़ाई मारने वाला [36]!"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'कल' से मुराद अज़ाब का दिन है। जब अल्लाह का अज़ाब नाज़िल होगा तो उन पर हक़ीक़त खुल जाएगी कि झूठा और मुतकब्बिर कौन था, मगर उस वक़्त जानना और पछताना किसी काम न आएगा।
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