कुरान - 54:28 सूरह अल-क़मर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

28
وَنَبِّئۡهُمۡ أَنَّ ٱلۡمَآءَ قِسۡمَةُۢ بَيۡنَهُمۡۖ كُلُّ شِرۡبٖ مُّحۡتَضَرٞ

Transliteration: (Wa nabbi'hum annal maaa'a qismatun bainahum kullu shirbin muhtadar)

और उन्हें ख़बरदार कर दो कि पानी उनके और ऊँटनी के दरम्यान बारी-बारी तक्सीम है [39], हर बारी पर वही हाज़िर हो जिसकी बारी है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़मर आयत 28 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़मर तफ़सीर - आयत 28

"और उन्हें ख़बरदार कर दो कि पानी उनके और ऊँटनी के दरम्यान बारी-बारी तक्सीम है [39], हर बारी पर वही हाज़िर हो जिसकी बारी है।"


[39] पानी की बारी और दूध की बरकत

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि उस बस्ती में पानी का एक ही कुआँ था:

  • बारी का निज़ाम: एक दिन पूरी क़ौम के मवेशियों और लोगों के लिए पानी मुक़र्रर था, और दूसरे दिन वह मुबारक़ ऊँटनी सारा पानी पी जाती थी।
  • दूध की अज़ीम नेमत: जिस दिन ऊँटनी पानी पीती, उस दिन वह इतना कसरत से दूध देती थी कि पूरी क़ौम अपने तमाम बर्तन भर लेती और खूब सैराब होती। यह अल्लाह की अज़ीम रहमत और इम्तिहान था।

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