कुरान - 54:33 सूरह अल-क़मर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

33
كَذَّبَتۡ قَوۡمُ لُوطِۭ بِٱلنُّذُرِ

Transliteration: (Kazzabat qawmu lootin binnuzur)

लूत की क़ौम ने डराने वालों (रसूलों) को झुठलाया [44]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़मर आयत 33 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़मर तफ़सीर - आयत 33

"लूत की क़ौम ने डराने वालों (रसूलों) को झुठलाया [44]।"


[44] हज़रत लूत अलैहिस्सलाम का इंकार और तमाम अम्बिया की तक्ज़ीब

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि क़ौम-ए-लूत अपनी बदअमली और बेहयाई में डूबी हुई थी। जब हज़रत लूत अलैहिस्सलाम ने उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराया तो उन्होंने उनका मज़ाक़ उड़ाया। एक नबी की तक्ज़ीब गोया तमाम अम्बिया-ए-किराम की तक्ज़ीब है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now