Transliteration: (Wa laqad anzarahum batshatanaa fatamaaraw binnuzur)
"और बेशक उन्होंने (हज़रत लूत ने) उन्हें हमारी सख़्त पकड़ से डराया था [47], मगर उन्होंने उन डराने वाली बातों में शक किया (झुठलाया) [48]।"
हज़रत लूत अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को बार-बार समझाया कि अपने नापाक आमाल से बाज़ आ जाओ वर्ना रब्बे क़हार का सख़्त अज़ाब तुम्हें घेर लेगा।
यहाँ 'शक किया' से मुराद सरासर इंकार और झुठलाना है। काफ़िरों ने अल्लाह के अज़ाब की चेतावनियों को मज़ाक़ समझा और नबी की बात को मानने से इंकार कर दिया।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat