कुरान - 54:41 सूरह अल-क़मर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

41
وَلَقَدۡ جَآءَ ءَالَ فِرۡعَوۡنَ ٱلنُّذُرُ

Transliteration: (Wa laqad jaaa'a Aala Fir'awnan nuzur)

और बेशक फ़िरऔन वालों के पास भी डराने वाले (रसूल) आए [55]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़मर आयत 41 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़मर तफ़सीर - आयत 41

"और बेशक फ़िरऔन वालों के पास भी डराने वाले (रसूल) आए [55]।"


[55] हज़रत मूसा और हज़रत हारून अलैहिमुस्सलाम की आमद

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि यहाँ तसनिया (दो) की जगह जमा का सीग़ा इस्तेमाल हुआ है, क्योंकि फ़िरऔन के पास हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम और हज़रत हारून अलैहिस्सलाम दोनों तशरीफ़ लाए थे। अरबी ज़बान के बलीग़ उसूल के तहत दो बुज़ुर्ग हस्तियों की अज़्मत और उनकी दावत की अहिमयत को वाज़ेह करने के लिए जमा का लफ़्ज़ इरशाद हुआ।

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