कुरान - 54:45 सूरह अल-क़मर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

45
سَيُهۡزَمُ ٱلۡجَمۡعُ وَيُوَلُّونَ ٱلدُّبُرَ

Transliteration: (Sa yuhzamul jam'u wa yuwalloonad dubur)

अब यह जत्था शिकस्त खा जाएगा और वे पीठ फेरकर भागेंगे [61]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़मर आयत 45 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़मर तफ़सीर - आयत 45

"अब यह जत्था शिकस्त खा जाएगा और वे पीठ फेरकर भागेंगे [61]!"


[61] बदर के दिन काफ़िरों की रुसवाकुन शिकस्त

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि यह आयत-ए-मुबारका ग़ैब की अज़ीम पेशीनगोई थी। जंग-ए-बदर के दिन हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ ज़िरह (लोहे का लिबास) पहने हुए अपने ख़ेमे से बाहर तशरीफ़ लाए और ज़बान-ए-मुक़द्दस पर यही आयत जारी थी: "स-युहज़मुल जम'उ व युवल्लूनद-दुबुर"। चुनांचे काफ़िरों का भारी लश्कर रुसवा होकर पीठ फेरकर भागा और उनके बड़े-बड़े सरदार क़त्ल हुए।

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