कुरान - 54:49 सूरह अल-क़मर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

49
إِنَّا كُلَّ شَيۡءٍ خَلَقۡنَٰهُ بِقَدَرٖ

Transliteration: (Innaa kulla shai'in khalaqnaahu bi qadar)

बेशक हमने हर चीज़ को एक ठीक अंदाज़े (तक़दीर) के साथ पैदा किया है [66]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़मर आयत 49 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़मर तफ़सीर - आयत 49

"बेशक हमने हर चीज़ को एक ठीक अंदाज़े (तक़दीर) के साथ पैदा किया है [66]।"


[66] हर चीज़ की पैदाइश तक़दीर और हिकमत के मुताबिक़

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि कायनात की हर चीज़—ज़र्रे से लेकर आफ़्ताब तक—अल्लाह तआला के इल्म-ए-अज़ली, हिकमत और मुक़र्ररा अंदाज़े (तक़दीर) के तहत पैदा हुई है। कोई भी वाक़िया या मख़लूक़ इत्तिफ़ाक़ी नहीं, बल्कि रब्बुल आलमीन की मुकम्मल क़ुदरत और मशिय्यत के ताबे है।

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