कुरान - 54:6 सूरह अल-क़मर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

6
فَتَوَلَّ عَنۡهُمۡۘ يَوۡمَ يَدۡعُ ٱلدَّاعِ إِلَىٰ شَيۡءٖ نُّكُرٍ

Transliteration: (Fatawalla 'anhum; yawma yad'ud daa'i ilaa shai 'in nukur)

तो आप उनसे मुँह फेर लीजिए [9], जिस दिन पुकारने वाला (इस्राफ़ील अलैहिस्सलाम) एक ना-गवार (तकलीफ़देह) चीज़ की तरफ़ पुकारेगा [10]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़मर आयत 6 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़मर तफ़सीर - आयत 6

"तो आप उनसे मुँह फेर लीजिए [9], जिस दिन पुकारने वाला (इस्राफ़ील अलैहिस्सलाम) एक ना-गवार (तकलीफ़देह) चीज़ की तरफ़ पुकारेगा [10]!"


[9] काफ़िरों की सरकशी पर रंजीदा न होना

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि अल्लाह तआला ने अपने महबूब ﷺ को तसल्ली दी कि आप उनके इंकार और कुफ़्र पर ग़मगीन न हों, उनका मुआमला हमारे सुपुर्द कर दें।

[10] इस्राफ़ील (अलैहिस्सलाम) की पुकार और हश्र का मैदान

हज़रत इस्राफ़ील (अलैहिस्सलाम) बैतुल मुक़द्दस के सहरा में खड़े होकर तमाम मुर्दों को पुकारेंगे और सूर फूँकेंगे। उस दिन काफ़िरों को हिसाब-किताब और अज़ाब की निहायत सख़्त और ना-गवार मंज़िल का सामना करना पड़ेगा।

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