कुरान - 54:8 सूरह अल-क़मर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
مُّهۡطِعِينَ إِلَى ٱلدَّاعِۖ يَقُولُ ٱلۡكَٰفِرُونَ هَٰذَا يَوۡمٌ عَسِرٞ

Transliteration: (Muhti'eena ilad daa'i yaqoolul kaafiroona haazaa yawmun 'asir)

पुकारने वाले की तरफ़ दौड़ते हुए [12]! काफ़िर कहेंगे: "यह दिन बड़ा सख़्त दिन है [13]!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़मर आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़मर तफ़सीर - आयत 8

"पुकारने वाले की तरफ़ दौड़ते हुए [12]! काफ़िर कहेंगे: 'यह दिन बड़ा सख़्त दिन है [13]!'"


[12] पुकार की तरफ़ बे-इख़्तियार दौड़ना

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि उस दिन किसी को भागने या छुपने की जगह नहीं मिलेगी, सब बे-इख़्तियार पुकारने वाले की तरफ़ खिंचे चले जाएँगे।

[13] काफ़िरों के लिए सख़्ती, मोमिनीन के लिए आसानी

काफ़िर उस दिन की सख़्ती और अज़ाब को देखकर कहेंगे कि आज का दिन बड़ा भारी है। क़यामत का दिन काफ़िरों के लिए पचास हज़ार साल का निहायत भयानक दिन होगा, जबकि सच्चे मोमिनीन के लिए एक फ़र्ज़ नमाज़ के वक़्त से भी ज़्यादा आसान और पुर-सुकून बना दिया जाएगा (सूरह नमल 27:89)।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now