Transliteration: (Wa maa kaana Rabbuka muhlikal quraa hattaa yab'asa feee ummihaa Rasoolany yatloo 'alaihim aayaatina; wa maa kunnaa muhlikil quraaa illaa wa ahluhaa zaalimoon)
"और आपका रब बस्तियों को उस वक़्त तक हलाक नहीं करता जब तक कि उनके मरकज़ (बड़ी बस्ती) में कोई रसूल न भेज दे [154] जो उन पर हमारी आयात पढ़कर सुनाए [155]; और हम बस्तियों को उसी सूरत में हलाक करते हैं जब उनके बाशिंदे ज़ालिम हों [156]।"
अल्लाह की सुन्नत यह है कि वह किसी इलाक़े की राजधानी या मरकज़ी शहर में नबी भेजता है जहाँ से पैग़ाम चारों तरफ़ आसानी से फैल सके। मक्का मुकर्रमा तमाम बस्तियों की मां (उम्मुल-क़ुरा) है जहाँ हुज़ूर ﷺ तशरीफ़ लाए।
रसूल आकर अल्लाह की आयात पढ़कर सुनाते हैं और लोगों को नेकी व बदी का रास्ता वाज़ेह फ़रमाते हैं।
अल्लाह किसी बे-गुनाह क़ौम पर अज़ाब नहीं भेजता, अज़ाब उसी वक़्त आता है जब वे हक़ की दावत मिलने के बावजूद सरकशी और ज़ुल्म पर अड़े रहें।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat