Transliteration: (Innnamaa sultaanuhoo 'alal lazeena yatawallawnahoo wallazeena hum bihee mushrikoon (section 13))
"उसका क़ाबू तो उन्हीं पर है जो उससे दोस्ती रखते हैं [226] और जो उसके कहने से शिर्क करते हैं [227]।"
बुराई की तरफ़ मैलान रखना और बुरे लोगों से मोहब्बत करना ही हक़ीक़त में शैतान से दोस्ती गाँठना है, जो तमाम गुनाहों की जड़ है।
अल्लाह के सच्चे बन्दे अम्बिया और औलिया गुनाहों से मासूम और महफ़ूज़ होते हैं; शैतान का उन पर कोई ज़ोर नहीं चलता। हज़रत आदम अलैहिस्सलाम से जो अम्र सरज़द हुआ वह इज्तिहादी ख़ता थी, कोई गुनाह नहीं था।
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