कुरान - 16:98 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

98
فَإِذَا قَرَأۡتَ ٱلۡقُرۡءَانَ فَٱسۡتَعِذۡ بِٱللَّهِ مِنَ ٱلشَّيۡطَٰنِ ٱلرَّجِيمِ

Transliteration: (Fa izaa qara tal Quraana fasta'iz billaahi minashh Shai taanir rajeem)

तो जब आप क़ुरआन पढ़ने लगें तो रान्दे हुए (धुतकारे हुए) शैतान से अल्लाह की पनाह माँग लिया करें [224]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 98 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 98 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"तो जब आप क़ुरआन पढ़ने लगें तो रान्दे हुए शैतान से अल्लाह की पनाह माँग लिया करें [224]।"

[224] तिलावत से पहले तअव्वुज़ (अऊज़ु बिल्लाह)

क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत शुरू करने से पहले 'तअव्वुज़' (अऊज़ु बिल्लाहि मिनश-शैतानिर-रजीम) पढ़ना इस आयत से साबित है, और 'तस्मिया' (बिस्मिल्लाह) हज़रत सुलैमान अलैहिस्सलाम के ख़त और हुज़ूर ﷺ की सुन्नत से साबित है। तिलावत से पहले दोनों का पढ़ना सुन्नत है ताकि शैतानी वसवसों से हिफ़ाज़त रहे।

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