Transliteration: (Man 'amila saaliham min zakarin aw unsaa wa huwa mu'minun falanuhyiyannahoo hayaatan taiiyibatanw wa lanajzi yannnahum ajrahum bi ahsani maa kaanoo ya'maloon)
"जो कोई नेक काम करे मर्द हो या औरत और वह ईमान वाला हो, तो हम ज़रूर उसे पाकीज़ा ज़िन्दगी जिलाएँगे [222] और ज़रूर उनका सवाब... अता फ़रमाएँगे [223]।"
हयात-ए-तय्यिबा से मुराद दिल का सुकून, क़नाअत और इबादत की लज़्ज़त है। मोमिन ग़रीबी में भी मुतमइन रहता है, जबकि काफ़िर दौलत के ढेर में भी लालच और बेचैनी में जलता रहता है। नेकी का सवाब दुनिया में भी सुकून की शक्ल में मिलता है।
नेक आमाल के क़ुबूल होने और सवाब पाने के लिए ईमान बुनियादी शर्त है; बे-ईमान के आमाल आख़िरत में धूल की तरह उड़ जाएँगे।
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