कुरान - 16:99 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

99
إِنَّهُۥ لَيۡسَ لَهُۥ سُلۡطَٰنٌ عَلَى ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَلَىٰ رَبِّهِمۡ يَتَوَكَّلُونَ

Transliteration: (Innahoo laisa lahoo sultaanun 'alal lazeena aamanoo wa 'alaa Rabbihim yatawakkaloon)

बेशक उसका कोई क़ाबू (ज़ोर) नहीं उन पर जो ईमान लाए और अपने रब पर भरोसा रखते हैं [225]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 99 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 99 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"बेशक उसका कोई क़ाबू नहीं उन पर जो ईमान लाए और अपने रब पर भरोसा रखते हैं [225]।"

[225] शैतानी तसल्लुत से मोमिनीन की हिफ़ाज़त

अल्लाह पर तवक्कुल करने वाले मोमिनीन को शैतान कभी गुमराह या बे-ईमान नहीं कर सकता। अम्बिया और औलिया शैतान के क़ाबू से मुकम्मल महफ़ूज़ हैं; अलबत्ता वसवसे डालना अलग बात है जिससे अम्बिया भी अल्लाह की पनाह माँगते रहे।

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