कुरान - 16:95 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

95
وَلَا تَشۡتَرُواْ بِعَهۡدِ ٱللَّهِ ثَمَنٗا قَلِيلًاۚ إِنَّمَا عِندَ ٱللَّهِ هُوَ خَيۡرٞ لَّكُمۡ إِن كُنتُمۡ تَعۡلَمُونَ

Transliteration: (Wa laa tattakhizooo aimaanakum dakhalam bainakum fatazilla qadamum ba'da subootihaa wa tazooqus sooo'a bima sadattum 'an sabeelil laahi wa lakum 'azaabun 'azeem)

और अल्लाह के अहद पर थोड़े दाम न लो [218]। बेशक जो अल्लाह के पास है वह तुम्हारे लिए बेहतर है [219] अगर तुम जानते हो। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 95 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 95 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"और अल्लाह के अहद पर थोड़े दाम न लो [218]। बेशक जो अल्लाह के पास है वह तुम्हारे लिए बेहतर है [219] अगर तुम जानते हो।"

[218] दुनियावी लालच में अहद न तोड़ना

ऐ ईमान वालो! दुनिया के चन्द सिक्कों और आरज़ी फ़ायदों के लिए बैअत-ए-रिज़वान के उस अहद को न तोड़ना जो तुमने हुज़ूर अकरम ﷺ के दस्त-ए-मुबारक पर बाँधा था।

[219] अल्लाह के पास की नेमतें अफ़ज़ल

अल्लाह की रज़ा, दीन की फ़तह और आख़िरत की जन्नत दुनिया के तमाम ख़ज़ानों से कहीं बेहतर और दायमी है।

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