कुरान - 16:109 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

109
لَا جَرَمَ أَنَّهُمۡ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ هُمُ ٱلۡخَٰسِرُونَ

Transliteration: (Laa jarama annnahum fil Aakhirati humul khasiroon)

फ़िल-हक़ीक़त वही आख़िरत में नुक़सान उठाने वाले हैं [245]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 109 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 109 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"फ़िल-हक़ीक़त वही आख़िरत में नुक़सान उठाने वाले हैं [245]।"

[245] हक़ीक़ी घाटा

दिल की ग़फ़लत और ईमान से महरूमी ही इन्सान की सबसे बड़ी बद-बख़्ती और हमेशा का नुक़सान है।

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