कुरान - 16:108 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

108
أُوْلَـٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ طَبَعَ ٱللَّهُ عَلَىٰ قُلُوبِهِمۡ وَسَمۡعِهِمۡ وَأَبۡصَٰرِهِمۡۖ وَأُوْلَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡغَٰفِلُونَ

Transliteration: (Ulaaa'ikal lazeena taba'al laahu 'alaa quloobihim wa sam'ihim wa absaarihim wa ulaaa'ika humul ghaafiloon)

ये वे लोग हैं जिनके दिलों पर, उनके कानों पर और उनकी आँखों पर अल्लाह ने मुहर लगा दी है [244]; और वही लोग ग़ाफ़िल हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 108 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 108 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"ये वे लोग हैं जिनके दिलों पर, उनके कानों पर और उनकी आँखों पर अल्लाह ने मुहर लगा दी है [244]; और वही लोग ग़ाफ़िल हैं।"

[244] दिलों और कानों पर मुहर

मुसलसल गुनाहों और सरकशी के सबब अल्लाह तआला उनके दिलों और कानों को बंद कर देता है जिससे क़ुरआन की नसीहत उनके दिलों में असर नहीं करती। यह मुहर उनकी अपनी बद-आमालियों की सज़ा है।

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