कुरान - 16:121 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

121
شَاكِرٗا لِّأَنۡعُمِهِۚ ٱجۡتَبَىٰهُ وَهَدَىٰهُ إِلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٖ

Transliteration: (Shaakiral li an'umih; ijtabaahu wa hadaahu ilaa Siraatim Muustaqeem)

उसकी नेमतों के शुक्रगुज़ार; अल्लाह ने उन्हें चुन लिया [269] और उन्हें सीधी राह दिखाई [270]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 121 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 121 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"उसकी नेमतों के शुक्रगुज़ार; अल्लाह ने उन्हें चुन लिया [269] और उन्हें सीधी राह दिखाई [270]।"

[269] नुबुव्वत के लिए हज़रत इब्राहीम का इंतिख़ाब

अल्लाह तआला ने हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम को अपनी ख़ास क़ुदरत से नुबुव्वत के लिए चुन लिया और उन्हें अम्बिया का बाप होने का मुअज़्ज़म मक़ाम अता फ़रमाया। नुबुव्वत अल्लाह का अतीया व फ़ज़्ल है, इसे इन्सान अपनी मेहनत से हासिल नहीं कर सकता।

[270] इब्तिदा ही से सिरात-ए-मुस्तक़ीम पर साबित-क़दमी

हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम अपनी पैदाइश के पहले दिन ही से सिरात-ए-मुस्तक़ीम पर क़ायम रहे; आप कभी एक पल के लिए भी गुमराह या मुशरिक नहीं रहे।

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