कुरान - 16:24 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

24
وَإِذَا قِيلَ لَهُم مَّاذَآ أَنزَلَ رَبُّكُمۡ قَالُوٓاْ أَسَٰطِيرُ ٱلۡأَوَّلِينَ

Transliteration: (Wa izaa qeela lahum maazaaa anzala Rabbukum qaaloo asaateerul awwaleen)

और जब उनसे कहा जाए, "तुम्हारे रब ने क्या उतारा है [45]?" तो कहते हैं, "अगलों की झूठी कहानियाँ [46]।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 24 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 24 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"और जब उनसे कहा जाए, 'तुम्हारे रब ने क्या उतारा है [45]?' तो कहते हैं, 'अगलों की झूठी कहानियाँ [46]।'"

[45] शाने-नुज़ूल

यह आयत नज़र बिन हारिस और उसके साथियों के बारे में नाज़िल हुई, जो बाहर से आने वाले मुसाफ़िरों को रास्ते में रोककर क़ुरआन के ख़िलाफ़ भड़काते थे।

[46] असातीरुल अव्वलीन (अगलों की कहानियाँ) का बोहतान

'असातीर' फ़ुज़ूल और बे-हक़ीक़त क़िस्सों को कहते हैं। मुशरिक़ीन क़ुरआन की हिदायत और मोजिज़े से लोगों को भटकाने के लिए तोहमत लगाते थे कि यह पहले लोगों की मनगढ़ंत दास्तानें हैं (मआज़अल्लाह)।

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