Transliteration: (Qad makaral lazeena min qablihim fa atal laahu bunyaa nahum minal qawaa'idi fakharra 'alaihimus saqfu min fawqihim wa ataahumul 'azaabu min haisu laa yash'uroon)
"बेशक उनसे अगलों ने फ़रेब किया था [50], तो अल्लाह ने उनकी इमारत को बुनियादों से उखाड़ फेंका, तो उन पर ऊपर से छत गिर पड़ी और उन पर अज़ाब वहाँ से आया जहाँ का उन्हें गुमान भी न था [51]।"
जैसे नमरूद बिन कनआन ने आसमान पर चढ़ने के लिए पाँच हज़ार गज़ ऊँचा मीनार बनाया था; अल्लाह ने तेज़ हवा भेजकर उसे बुनियाद समेत गिरा दिया और ज़ालिम उसके मलबे तले दब कर मर गए।
अल्लाह का अज़ाब अचानक ऐसे रास्तों से आता है जिसका इन्सान वहम-ओ-गुमान भी नहीं कर सकता — जैसे नमरूद को एक मामूली लंगड़े मच्छर से हलाक किया, असहाबुल फ़ील (हाथियों वाली फ़ौज) को अबआबील परिंदों की कंकरियों से तबाह किया, और क़ौम-ए-आद को तेज़ आँधी से ख़ाक में मिला दिया।
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