कुरान - 16:46 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

46
أَوۡ يَأۡخُذَهُمۡ فِي تَقَلُّبِهِمۡ فَمَا هُم بِمُعۡجِزِينَ

Transliteration: (Aw yaakhuzahum fee taqallubihim famaa hum bi mu'jizeen)

या उन्हें उनके चलते-फिरते (सफ़र में) पकड़ ले [97], कि वे क़ाबू से निकल न सकेंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 46 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 46 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"या उन्हें उनके चलते-फिरते पकड़ ले [97], कि वे क़ाबू से निकल न सकेंगे।"

[97] सफ़र के दौरान अचानक पकड़

यानी तिजारती सफ़रों में या गाड़ियों और जहाज़ों में अचानक अज़ाब उन्हें आ पकड़े और वे कभी अपने घरों को वापस न लौट सकें; अल्लाह की पकड़ से भागना किसी के बस में नहीं।

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