Transliteration: (Wa lillaahi yasjudu maa fis samaawaati wa maa fil ardi min daaabbatinw walma laaa'ikatu wa hum laa yastakbiroon)
"और अल्लाह ही को सजदा करते हैं जो कुछ आसमानों में हैं और जो कुछ ज़मीन में हैं, सब जानदार और फ़रिश्ते, और वे घमंड नहीं करते [103]।"
इन्सानों और जिन्नों के सिवा कायनात की कोई मख़्लूक़ काफ़िर या मुशरिक नहीं है; सब अल्लाह के हुक्म के ताबे हैं। इन्सान के बाद फ़रिश्ते अल्लाह की सबसे मुअज़्ज़म मख़्लूक़ हैं जो बिना किसी तकब्बुर के हर पल अल्लाह के आगे सजदा-रेज़ रहते हैं।
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