Transliteration: (Wa yaj'aloona lillaahil banaati Subhaanahoo wa lahum maa yashtahoon)
"और वे अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते हैं [114] — पाकी है उसको! — और अपने लिए जो अपनी ख़्वाहिश है [115]।"
क़बीला ख़ोज़ाआ और किनाना के मुशरिक़ीन फ़रिश्तों को अल्लाह की बेटियाँ कहते थे। यह अक़्ल और शरीअत दोनों के ख़िलाफ़ है: औलाद वालिदैन की जिन्स से होती है, और अल्लाह की कोई जिन्स या मिसाल नहीं; फ़रिश्ते अल्लाह के फ़रमाँबरदार बन्दे हैं, औलाद नहीं।
अपने लिए बेटे चाहते हैं जिन्हें इज़्ज़त समझते हैं, और अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते हैं जिन्हें ख़ुद अपने लिए ज़िल्लत समझते हैं। यह उनकी बद-अख़्लाक़ी और बद-अक़ीदगी का खुला सुबूत है।
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