Transliteration: (Wallaahu anzala minas samaaa'i maaa'an fa ahyaa bihil arda ba'da mawtihaa; inna fee zaalika la aayatal liqaw miny yasma'oon (section 8))
"और अल्लाह ने आसमान से पानी उतारा [135], फिर उससे ज़मीन को जिलाया उसके मरने के बाद। बेशक इसमें निशानी है सुनने वालों के लिए [136]।"
समन्दर के पानी को सूरज की हरारत से भाप बनाकर ऊपर उठाना, बादलों की तश्कील और फिर मुर्दा ज़मीन पर बारिश बनकर बरसना अल्लाह की अज़ीम क़ुदरत का इज़हार है।
जैसे बारिश मुर्दा ज़मीन को ज़िंदा करती है, वैसे ही अल्लाह तआला क़यामत के दिन मुर्दा इन्सानों को सूर फूँक कर दोबारा ज़िंदा फ़रमाएगा। इसी तरह औलिया और सालिहीन के वअज़ व नसीहत से मुर्दा दिलों को रूहानी हयात मिलती है।
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