कुरान - 16:67 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

67
وَمِن ثَمَرَٰتِ ٱلنَّخِيلِ وَٱلۡأَعۡنَٰبِ تَتَّخِذُونَ مِنۡهُ سَكَرٗا وَرِزۡقًا حَسَنًاۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗ لِّقَوۡمٖ يَعۡقِلُونَ

Transliteration: (Wa min samaraatin nakheeli wal a'nnaabi tattakhizoona minhu sakaranw wa rizqann hasanaa; inna fee zaalika la Aayatal liqawminy ya'qiloon)

और खजूर और अँगूर के फलों में से, जिससे तुम नशा लाने वाली चीज़ भी बनाते हो और अच्छा रिज़्क़ भी [140]। बेशक इसमें निशानी है अक़्लमन्दों के लिए। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 67 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 67 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"और खजूर और अँगूर के फलों में से, जिससे तुम नशा लाने वाली चीज़ भी बनाते हो और अच्छा रिज़्क़ भी [140]। बेशक इसमें निशानी है अक़्लमन्दों के लिए।"

[140] अच्छे रिज़्क़ और नशे का फ़र्क़

अच्छे रिज़्क़ से मुराद सूखी खजूर, मुनक़्क़ा, किशमिश, शीरा और सिरका है जो हलाल और नफ़ाबख़्श हैं। लफ़्ज़ 'सकर' से अगर शराब मुराद ली जाए तो यह आयत शराब की हुरमत से पहले की है; और अगर मीठा शरबत या जूस मुराद हो तो जब तक नशा न पैदा हो, इमाम आज़म अबू हनीफ़ा के नज़दीक ऐसा शीरा या शर्बत पीना जाइज़ है।

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